प्रदोष व्रत – Pradosh Vrat | Pradosh Kaal Time Today

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Pradosh Vrat term is mainly used for worshiping lord Shiva, Parvati, Ganesha, and Kartikey. It comes on the 13th day of the Hindu calendar also known as Trayodashi tithi according to the Hindu calendar.

त्रयोदशी के दिन मनाने जाने वाला प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित होता है। इस व्रत मे भक्त को ब्रम्ह मुहरत मे उठकर स्नान कर दिनभर उपवास रखना पड़ता है।

खास कर इस उपवास मे नमक सेवन करना वर्जित है, ऐसा प्रदोष व्रत की कथा मे भी बताया गया है।

अगर आप जानना चाहते है की अगला प्रदोष व्रत कब है? (pradosh vrat kab hai) तो नीचे आपको एक टाइम टेबल दिखाई देगा।

Pradosh Vrat 2024 – Pradosh Vrat kab hai?

Naye Saal 2024 Me Pradosh vrat yani Trayodashi ki tithi janane ke liye niche diye gaye Calculator ka use kar le. Pradosh Kaal Time is calculated 45 Minutes before and after the Sunset time.

यह आप को बताएगा अगला प्रदोष व्रत कब और कितने टाइम पर होगा। इस लिंक को सेव कर ले ताकि आने वाले सभी प्रदोष व्रत दिन आपको पता चल सके।

Pradosh Kaal Time Today

प्रदोष व्रत – Pradosh Vrat and katha PDF/Book

Free Download Pradosh Vrat PDF in Hindi using the button given below:

Pradosh Vrath Katha Book – प्रदोष व्रत कथा और विधि:

(pradosh vrat) जैसा की हम जानते है हिन्दू कैलंडर के अनुसार त्रयोदशी महीने मे 2 बार आती है इसिका अर्थ ये है के प्रदोष व्रत महीने मे दो बार आता है।
प्रदोष व्रत के दिन सूर्यास्त समय से 45 मिनिट पहले और 45 मिनिट बाद के समय को प्रदोष काल Pradosh Kaal (Twilight Period) कहते है।

माना जाता है प्रदोष काल मे की गई पूजा का असर सरोपरी होता है। जैसे की किसी की साढ़े साती चल रही हो या घर मे कलेश हो तो नियमित रूप से प्रदोष काल के दौरान शिव जी के मंदिर मे दिया जलाने से आप को सुख शांति मिलती है।

Pradosh Vrat Katha PDF Book

(Pradosh Vrat Kitab) प्रदोष व्रत पुस्तक हिन्दी मे खरीदने के लिए नीचे दिए बटन पर क्लिक करे।

Pradosh Vrat Tithi Time Table
Pradosh Vrat Time Table 2024
प्रदोष व्रत कथा: संक्षिप्त मे –

प्रदोष व्रत, जिसे प्रदोषम भी कहा जाता है, वह हिन्दू धर्म का एक पवित्र व्रत है जो भगवान शिव को समर्पित है। प्रदोष व्रत कथा में यह बताया जाता है कि इस व्रत की महत्ता और महत्वपूर्णता क्या है। यहां एक संक्षेप रूप में प्रदोष व्रत कथा है: सम्पूर्ण कथा के लिए पीडीएफ़ डाउनलोड करे।


बहुत समय पहले, भगवान शिव और देवी पार्वती के स्वर्गीय निवास में एक राक्षस था जिसका नाम वृकासुर था। वह भगवान शिव का भक्त था और ने उनकी ओर से बड़ी तपस्या की थी। भगवान शिव ने उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर उसे एक वरदान दिया। लेकिन वृकासुर, अपने अहंकार में भटक गया और भगवान शिव को भी अपनी शक्ति का परीक्षण करने का निर्णय लिया।

समझदार भगवान शिव ने भगवान विष्णु से सहायता मांगने के लिए भाग्यशाली रूप से बचने का निश्चित किया। भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप में वृकासुर के सामने प्रकट होकर उसकी मोहनीयता में ढलान की।

मोहिनी ने वृकासुर को वश में करने के लिए उससे एक विशेष नृत्य का आदान-प्रदान करने की आवश्यकता बताई। वृकासुर ने अपने उत्साह से नृत्य किया, जिसके दौरान मोहिनी चतुर्भुज की कल्पना करके उसके साथ समर्थ हो गई और खुद के मस्तक पर हाथ रखा।

इस प्रकार, वृकासुर ने अपनी विशेष शक्ति का अभ्यास किया और खुद को भास्म में बदल दिया। भगवान शिव और भगवान विष्णु मोहिनी के सामर्थ्य की प्रशंसा करते हुए प्रकट हुए और इस घटना के दिन को ‘प्रदोष’ कहा।

इसे याद करते हुए भगवान शिव ने घोषणा की कि इस दिन को व्रत करना अत्यंत पुण्यकर होगा और इससे व्रती को उनकी कृपा मिलेगी। तब से हर त्रयोदशी यानि हिन्दू महीने के 13वीं तिथि को प्रदोष व्रत मनाया जाता है, विशेषकर शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष के चंद्रमा के दो पहरों में।

इस व्रत को भक्ति और समर्पण के साथ मनाने पर कहा जाता है कि यह आशीर्वाद, इच्छा पूर्ति और पापों से मुक्ति लाता है। भक्त इस दिन उपवास करते हैं, विशेष पूजा करते हैं, और भगवान शिव के मंदिरों की यात्रा करते हैं ताकि वे उनके आशीर्वाद और संरक्षण की प्राप्ति कर सकें।

यह एक आध्यात्मिक विचार, शुद्धिकरण, और भगवान शिव द्वारा प्रतिष्ठानित ब्रह्मांडीय ऊर्जाओं के प्रति समर्पण का समय होता है।

शिवभक्त कथा वाचक श्री श्री पंडित मिश्रा जी द्वारा शिवपुराण से प्रदोष काल और व्रत का महत्व बताया गया है।

Pradosh Vrat के नियम:-

  • प्रदोष व्रत के दिन आपको ब्रम्ह मुहूरत (सूर्योदय से पेहले) मे उठ कर स्नान करना है और शिवजी की आराधना करनी है।
  • फिर दिन भर व्रत यानि उपवास का पालन करना है, इस दौरान नमक वाली चीजों का सेवन ना करे, आप फल का सेवन कर सकते है।
  • उसके उपरांत आप के गाव मे जैसे मान्यता हो वेसे शिवजी की पूजा स्थापित करे। इस पूजा मे आप माँ पार्वती, गणेश जी की प्रतिमा भी स्थापित कर सकती है।
  • पूजा की सामग्री जैसे फूल, फल, दूध, घी का दिया, नारियल एक कलश पानी, अगरबत्ती आदि को जमा कर पूजा स्थापित करे।
  • फिर अपने प्रियजनों के साथ बैठ प्रदोष काल मे भक्तिवर पूजा कर प्रदोष व्रत का पाठ पढे।
  • प्रदोष व्रत पाठ के उपरांत कलश के पानी को ग्रहण करे और प्रशाद ग्रहण करे। यदि प्रदोष काल मे कुछ समय शेष हो तो निकट के शिव मंदिर जा कर एक दिया जलाए और आशीर्वाद ले।

प्रदोष काल मे दिया जलाने से भक्त की प्रार्थना जल्दी सफल होती है और प्रदोष व्रत को सम्पन्न माना जाता है।

Different Aspects of Pradosh Vrat – सप्ताह के हर एक दिन के प्रदोष व्रत का महत्व

Pradosh Vrat can fall on any day of the week in a year for example in January 2024 Pradosh Vrat was on Tuesday whereas in Feb it is on Wednesday. So there are different effects and aspects of Pradosh falling on different days.

सप्ताह के हर एक दिन की महिमा है और उस दिन अगर प्रदोष व्रत हो तो उसके अलग फल प्राप्ति भी है। चलो जाने कैसे?

  • भानु वार प्रदोष व्रत:– यह व्रत की तिथि रविवार के दिन आती है इसी लिए इसे भानु प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस व्रत को करने से भक्त दीर्घायू बनता है और उन्हे शांति प्राप्त होती है।
  • सोम प्रदोष व्रत:- यह व्रत की तिथि सोमवार के दिन आयी है इसी लिए इसे सोम प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस दिन व्रत रखने और शिव जी की पूजा करने से भक्त सकारात्मक सोच वाला बनता है और इश्चयपूर्ति का अनुभव भी होता है।
  • भौम प्रदोष व्रत:– यह व्रत की तिथि मंगलवार के दिन आती है इसी लिए इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। इस दिन व्रत रखने से भक्त के स्वस्थ सम्बधी समस्या का निवारण होता है। स्वस्थ के साथ यह व्रत समृद्धि का भी कारक है।
  • सौम्य वार प्रदोष व्रत:– यह व्रत की तिथि बुधवार के दिन आती है और इस व्रत से भक्त को बुद्धि और ज्ञान का आशीर्वाद मिलता है और उनकी मनोकामनाए पूरी होती है।
  • गुरुवार प्रदोष व्रत:- यह व्रत की तिथि गुरुवार के दिन आती है। और इसे करने से भक्त के ऊपर का संकट टल जाता है। और उन्हे पितृ और पूर्वजों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
  • भृगु वार प्रदोष व्रत:- यह व्रत की तिथि शुक्रवार के दिन आती है। और यह व्रत आपकी जीवन से नकारात्मकता को दूर करके आपको संतुष्टि और सफलता प्रदान करता है।
  • शनि प्रदोष व्रत:– यह व्रत की तिथि शनिवार के दिन आती है और इसे बोहोत महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। इस व्रत को करने से भक्त को खोया हुआ धन प्राप्त हो सकता है या पदोउन्नति हो सकती है।
Pradosh Vrat Kab hai? प्रदोष व्रत कब है?

प्रदोष व्रत कब है? – Pradosh Vrat Date and Time in 2024

प्रदोष दिवसप्रदोष काल
January 9th
Tuesday
Sunrise: Jan 23, 7:13 AM
Sunset: Jan 23, 6:03 PM
Trayodashi Tithi Timing: Jan 22, 7:52 PM – Jan 23, 8:39 PM
Pradosha Puja Time : Jan 23, 6:03 PM – Jan 23, 8:41 PM
January 23rd
Tuesday
Sunrise: Feb 07, 7:08 AM
Sunset: Feb 07, 6:13 PM
Trayodashi Tithi Timing: Feb 07, 2:02 PM – Feb 08, 11:17 AM
Pradosha Puja Time : Feb 07, 6:13 PM – Feb 07, 8:48 PM
February 7th
Wednesday
Sunrise: Feb 07, 7:08 AM
Sunset: Feb 07, 6:13 PM
Trayodashi Tithi Timing: Feb 07, 2:02 PM – Feb 08, 11:17 AM
Pradosha Puja Time : Feb 07, 6:13 PM – Feb 07, 8:48 PM
February 21st
Wednesday
Sunrise: Feb 21, 6:59 AM
Sunset: Feb 21, 6:21 PM
Trayodashi Tithi Timing: Feb 21, 11:28 AM – Feb 22, 1:22 PM
Pradosha Puja Time : Feb 21, 6:21 PM – Feb 21, 8:53 PM
March 8th
Friday
Sunrise: Mar 08, 6:45 AM
Sunset: Mar 08, 6:29 PM
Trayodashi Tithi Timing: Mar 08, 1:20 AM – Mar 08, 9:58 PM
Pradosha Puja Time : Mar 08, 6:29 PM – Mar 08, 8:56 PM
March 22nd
Friday
Sunrise: Mar 22, 6:32 AM
Sunset: Mar 22, 6:34 PM
Trayodashi Tithi Timing: Mar 22, 4:44 AM – Mar 23, 7:18 AM
Pradosha Puja Time : Mar 22, 6:34 PM – Mar 22, 8:58 PM
April 6th
Saturday
Sunrise: Apr 06, 6:17 AM
Sunset: Apr 06, 6:40 PM
Trayodashi Tithi Timing: Apr 06, 10:19 AM – Apr 07, 6:54 AM
Pradosha Puja Time : Apr 06, 6:40 PM – Apr 06, 8:59 PM
April 21st
Sunday
Sunrise: Apr 21, 6:04 AM
Sunset: Apr 21, 6:46 PM
Trayodashi Tithi Timing: Apr 20, 10:42 PM – Apr 22, 1:11 AM
Pradosha Puja Time : Apr 21, 6:46 PM – Apr 21, 9:01 PM
May 5th
Sunday
Sunrise: May 05, 5:54 AM
Sunset: May 05, 6:52 PM
Trayodashi Tithi Timing: May 05, 5:42 PM – May 06, 2:40 PM
Pradosha Puja Time: May 05, 6:52 PM – May 05, 9:04 PM
May 20th
Monday
Sunrise: May 20, 5:47 AM
Sunset: May 20, 6:59 PM
Trayodashi Tithi Timing: May 20, 3:59 PM – May 21, 5:40 PM
Pradosha Puja Time: May 20, 6:59 PM – May 20, 9:08 PM
June 4th
Tuesday
Sunrise: Jun 04, 5:44 AM
Sunset: Jun 04, 7:05 PM
Trayodashi Tithi Timing: Jun 04, 12:19 AM – Jun 04, 10:01 PM
Pradosha Puja Time : Jun 04, 7:05 PM – Jun 04, 9:13 PM
June 19th
Wednesday
Sunrise: Jun 19, 5:45 AM
Sunset: Jun 19, 7:10 PM
Trayodashi Tithi Timing: Jun 19, 7:28 AM – Jun 20, 7:50 AM
Pradosha Puja Time : Jun 19, 7:10 PM – Jun 19, 9:17 PM
July 3rd
Wednesday
Sunrise: Jul 03, 5:49 AM
Sunset: Jul 03, 7:12 PM
Trayodashi Tithi Timing: Jul 03, 7:10 AM – Jul 04, 5:54 AM
Pradosha Puja Time : Jul 03, 7:12 PM – Jul 03, 9:20 PM
July 19th
Friday
Sunrise: Jul 19, 5:56 AM
Sunset: Jul 19, 7:10 PM
Trayodashi Tithi Timing: Jul 18, 8:44 PM – Jul 19, 7:41 PM
Pradosha Puja Time : Jul 19, 7:10 PM – Jul 19, 9:19 PM
August 1st
Thursday
Sunrise: Aug 01, 6:01 AM
Sunset: Aug 01, 7:04 PM
Trayodashi Tithi Timing: Aug 01, 3:29 PM – Aug 02, 3:27 PM
Pradosha Puja Time : Aug 01, 7:04 PM – Aug 01, 9:16 PM
August 17th
Saturday
Sunrise: Aug 17, 6:08 AM
Sunset: Aug 17, 6:53 PM
Trayodashi Tithi Timing: Aug 17, 8:06 AM – Aug 18, 5:51 AM
Pradosha Puja Time : Aug 17, 6:53 PM – Aug 17, 9:08 PM
August 31st
Saturday
Sunrise: Aug 31, 6:12 AM
Sunset: Aug 31, 6:41 PM
Trayodashi Tithi Timing: Aug 31, 2:25 AM – Sep 01, 3:41 AM
Pradosha Puja Time : Aug 31, 6:41 PM – Aug 31, 8:59 PM
September 15th
Sunday
Sunrise: Sep 15, 6:17 AM
Sunset: Sep 15, 6:26 PM
Trayodashi Tithi Timing: Sep 15, 6:12 PM – Sep 16, 3:10 PM
Pradosha Puja Time : Sep 15, 6:26 PM – Sep 15, 8:48 PM
September 29th
Sunday
Sunrise: Sep 29, 6:21 AM
Sunset: Sep 29, 6:12 PM
Trayodashi Tithi Timing: Sep 29, 4:48 PM – Sep 30, 7:07 PM
Pradosha Puja Time : Sep 29, 6:12 PM – Sep 29, 8:38 PM
October 15th
Tuesday
Sunrise: Oct 15, 6:27 AM
Sunset: Oct 15, 5:57 PM
Trayodashi Tithi Timing: Oct 15, 3:42 AM – Oct 16, 12:19 AM
Pradosha Puja Time : Oct 15, 5:57 PM – Oct 15, 8:27 PM
October 29th
Tuesday
Sunrise: Oct 29, 6:34 AM
Sunset: Oct 29, 5:46 PM
Trayodashi Tithi Timing: Oct 29, 10:32 AM – Oct 30, 1:16 PM
Pradosha Puja Time : Oct 29, 5:46 PM – Oct 29, 8:20 PM
November 13th
Wednesday
Sunrise: Nov 13, 6:43 AM
Sunset: Nov 13, 5:38 PM
Trayodashi Tithi Timing: Nov 13, 1:01 PM – Nov 14, 9:43 AM
Pradosha Puja Time: Nov 13, 5:38 PM – Nov 13, 8:15 PM
November 28th
Thursday
Sunrise: Nov 28, 6:53 AM
Sunset: Nov 28, 5:36 PM
Trayodashi Tithi Timing: Nov 28, 6:24 AM – Nov 29, 8:40 AM
Pradosha Puja Time: Nov 28, 5:36 PM – Nov 28, 8:15 PM
December 13th
Friday
Sunrise: Dec 13, 7:03 AM
Sunset: Dec 13, 5:38 PM
Trayodashi Tithi Timing: Dec 12, 10:26 PM – Dec 13, 7:40 PM
Pradosha Puja Time : Dec 13, 5:38 PM – Dec 13, 8:19 PM
December 28th
Saturday
Sunrise: Dec 28, 7:11 AM
Sunset: Dec 28, 5:45 PM
Trayodashi Tithi Timing: Dec 28, 2:27 AM – Dec 29, 3:33 AM
Pradosha Puja Time: Dec 28, 5:45 PM – Dec 28, 8:27 PM

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